geeton ke badal-[4]
शनिवार, 15 जनवरी 2011
प्रज्ञा के तीन तत्त्व हैं, -विचार, भाव ,कल्पना ,इन तीनों का समायोजन
निरंतर चलता रहता है ,अगर ये ना हों या अव्यवस्थित हो जायें,जीवन
कठिन हो जाता है ,मर्मज्ञ व्यक्ति जीवन को सरल बना लेते हैं ......
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