geeton ke badal-[4]
बुधवार, 2 फ़रवरी 2011
दर्द की पायल बजी है, वो तड़पकर सुन रहा है,
जिन्दगी का हाल जैसे बेवफ़ा से सुन रहा है,
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें